"जब जागो तभी सवेरा” पुस्तक के कुछ अंश
मनुष्य के हृदय में हमेशा यह कामना रहती है िक जिंदगी के अंदर थोड़ी-सी शांित हो जाये। यह बात िवश्व की नहीं है, हर एक मनुष्य की है। क्योंकि अगर किसी को शांित चाहिए तो मनुष्य को शांित चािहए। प्रश्न है िक शांित कहां है, क्या है और कैसे िमलेगी?
महाराजी शांित का एक सुंदर संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उनका कहना है िक हर मनुष्य के अंदर एक बहुत ही सुंदर अनुभव है, जहां पहुंचकर हम परम शांित और आनंद को महसूस कर सकते हैं। उस अनुभव तक पहुंचने के िलए मैं आपकी मदद कर सकता हूं।